हरीश अग्रवाल ‘ढपोरशंख’ की दूसरी काव्य कृति ‘मैं साँप हूँ’ का हुआ लोकार्पण, भ्रष्टाचार पर व्यंग्य रचना करती है सटीक प्रहार
साहित्य संगीत संगम और संस्कार भारती ने किया हास्य- व्यंग्य के लोकप्रिय कवि हरीश अग्रवाल ‘ढपोरशंख’ की रचनाधर्मिता का अभिनंदन।
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