देश के पूर्व राष्ट्रपति भारतरत्न प्रणब मुखर्जी नहीं रहे, समूचे देश में शोक की लहर व्याप्त है!

ब्रज पत्रिका। देश के पूर्व राष्ट्रपति ‘भारत रत्न’ प्रणब मुखर्जी का 31 अगस्त को दिल्ली में निधन हो गया। उनकी हाल ही में ब्रेन सर्जरी की गई थी। वह कई दिन से कोमा में चल रहे थे। सोमवार शाम को 84 साल की उम्र में प्रणब मुखर्जी ने अंतिम सांस ली। उनके बेटे अभिजीत मुखर्जी ने खुद ट्वीट करके उनके निधन की यह दुःखद जानकारी साझा की है। दिल्ली में सेना के अनुसंधान एवं रेफरल अस्पताल में उनकी हालत सोमवार को काफी बिगड़ गई थी। उन्हें फेफड़े में संक्रमण की वजह से सेप्टिक शॉक लगा था।

उल्लेखनीय है कि दिल्ली में सैन्य अस्पताल में पिछले कई दिनों से पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी की देश के कई बड़े-बड़े डॉक्टर गहन निगरानी कर रहे थे। लेकिन लगातार उनकी तबीयत बिगड़ती चली गयी तमाम प्रयासों के बाद भी उसमें कोई सुधार नहीं हुआ। पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी वर्ष 2012 में भारत देश के राष्ट्रपति बने थे, इस पद पर वह वर्ष 2017 तक आसीन रहे। वर्ष 2019 में उन्हें देश की अतुलनीय सेवा करने के लिए देश के सर्वोच्च सम्मान ‘भारत रत्न’ की उपाधि से भी सम्मानित किया गया था।

पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी के निधन पर गहरा दुःख प्रकट करते हुए विभिन्न राजनीतिक पार्टियों के नेताओं और सामाजिक, सांस्कृतिक, साहित्यिक क्षेत्र सहित विभिन्न क्षेत्रों की हस्तियों ने श्रद्धांजलि दी है। सोशल मीडिया पर तमाम हस्तियों के अलावा देश के नागरिकों ने उनको श्रद्धाजंलि अर्पित की हैं।

देश के वर्तमान राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने पूर्व राष्ट्रपति भारतरत्न प्रणब मुखर्जी के निधन पर ट्वीट कर श्रद्धांजलि दी है। राष्ट्रपति श्री कोविंद ने अपने ट्वीट में लिखा है कि,

“प्रणब मुखर्जी के निधन की खबर सुनकर दुख हुआ। उनका जाना एक युग का अंत है। प्रणब मुखर्जी ने देश की सेवा की, आज उनके जाने पर पूरा देश दुखी है। असाधारण विवेक के धनी, भारत रत्न श्री मुखर्जी के व्यक्तित्व में परंपरा और आधुनिकता का अनूठा संगम था। 5 दशक के अपने शानदार सार्वजनिक जीवन में, अनेक उच्च पदों पर आसीन रहते हुए भी वे सदैव जमीन से जुड़े रहे। अपने सौम्य और मिलनसार स्वभाव के कारण राजनीतिक क्षेत्र में वे सर्वप्रिय थे।”

देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट करके पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए उनको श्रद्धांजलि दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शोक संदेश में लिखा है कि,

“प्रणब मुखर्जी के निधन पर पूरा देश दुखी है, वह एक स्टेट्समैन थे, जिन्होंने राजनीतिक क्षेत्र और सामाजिक क्षेत्र के हर तबके की सेवा की है। प्रणब मुखर्जी ने अपने राजनीतिक करियर के दौरान आर्थिक और सामरिक क्षेत्र में योगदान दिया। वह एक शानदार सांसद थे, जो हमेशा पूरी तैयारी के साथ जवाब देते थे।”

कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी के निधन पर अपने शोक संदेश में कहा है कि,

“मेरी उनके साथ काम करने के दौरान निजी तौर पर कई यादें हैं। मैंने उनसे काफी कुछ सीखा है।”

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी ट्वीट कर पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को श्रद्धांजलि दी है। राहुल ने ट्वीट कर लिखा है कि,

“प्रणब मुखर्जी के निधन की खबर सुनकर पूरा देश दुखी है, देशवासियों के साथ मैं भी उन्हें श्रद्धांजलि देता हूं।”

पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी के निधन पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने भी शोक जताते हुए कहा है कि,

“एक कुशल प्रशासक, स्टेट्समैन, राष्ट्रहित की भावना के रक्षक, राजनीतिक विचारधारा में फर्क के बावजूद सभी से जुड़े रहने वाले पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने आज अपना जीवन पूरा कर स्वर्ग की ओर चले गए।”

पिता प्रणव मुखर्जी के निधन पर उनकी बेटी शर्मिष्ठा मुखर्जी ने ट्वीट करके अपने शोक संदेश में कहा है कि,

“सभी को नमन! बाबा, सबको आपका अंतिम अलविदा कहने के लिए आपके पसंदीदा कवि को उद्धृत करने की स्वतंत्रता ले रही हूं। आपने राष्ट्र की सेवा में एक सार्थक जीवन जिया। मैं खुद को धन्य समझती हूं कि मैंने आपकी बेटी के तौर पर जन्म लिया।”

प्राप्त जानकारी के अनुसार पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का पार्थिव शरीर मंगलवार की सुबह 9 बजे नई दिल्ली के 10, राजाजी मार्ग भवन में श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए रखा जाएगा। सबसे पहले सुबह 9.15 बजे से पूर्व राष्ट्रपति को देश के गणमान्य व्यक्तियों द्वारा श्रद्धांजलि दी जाएगी। इसके बाद 11 बजे से 12 बजे के बीच आम नागरिक भी अपने श्रद्धा सुमन अर्पित कर सकेंगे। मौजूदा दौर में कोरोना महामारी के संकट को देखते हुए सभी नागरिकों को सामाजिक दूरी का पालन करने का निर्देश दिया गया है। दोपहर 2.30 बजे दिल्ली के लोधी श्मशान घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।

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