कवि कुमार ललित ने अपनी साहित्य-यात्रा के बीज अंकुरण से लेकर रचना-प्रक्रिया तक के सफर पर पर डाला प्रकाश
ब्रह्माकुमारीज के रेडियो मधुबन पर ‘बातें मुलाकातें’ में कवि कुमार ललित को बनाया स्पेशल गेस्ट।
ब्रज पत्रिका, आगरा। माउंट आबू स्थित ब्रह्मकुमारीज के रेडियो मधुबन 107.8 एफएम पर चर्चित ऑनलाइन कार्यक्रम ‘बातें मुलाकातें’ में होली के अवसर पर उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान द्वारा निराला पुरस्कार से सम्मानित आगरा के कवि कुमार ललित को स्पेशल गेस्ट के रूप में सहभागिता करने का स्वर्णिम अवसर मिला।

आरजे रमेश खेड़े के साथ बात करते हुए कवि कुमार ललित ने अपनी साहित्य-यात्रा के बीज अंकुरण से लेकर रचना-प्रक्रिया पर प्रकाश डालते हुए दोहे, गीत, गजल, मुक्तकों और अन्य कविताओं के पुष्पित-पल्लवित होने के बारे में बताया। भारत के विभिन्न शहरों और भारत के बाहर बैंकॉक में साहित्य यात्रा के अनुभवों को साझा किया। कृत्रिम बुद्धिमत्ता के दौर में मौलिक सृजन की उपादेयता और प्रासंगिकता पर अपनी बात कही।

काव्य-पाठ के क्रम में उन्होंने देशभक्ति और वियोग श्रृंगार के साथ भीतर की यात्रा पर मुड़ने की प्रेरणा देने वाले गीत सुना कर जहाँ काव्य रसिकों का दिल छू लिया, वहीं उन्होंने होली के विशेष अवसर पर अपने दोहों से राष्ट्रीय एकता और सद्भाव का संदेश भी दिया। बानगी देखें-हरे रंग से वो रँगें, तुम केसरिया रंग। देश प्रेम के रंग से, दोनों खेलो संग।।

गौरतलब है कि कार्यक्रम के ऑनलाइन प्रसारण के दौरान शुरू से अंत तक लाइव जुड़ रहे दर्शकों और श्रोताओं का भरपूर प्यार उनकी प्रतिक्रियाओं के रूप में कवि कुमार ललित और उनकी रचनाओं को अनवरत मिलता रहा है।

