लोक-शास्त्रीय नृत्य और नाट्य प्रस्तुतियों से यादगार बन गया बाँसुरी रंगोत्सव- 2019

वृन्दावन, डॉ. महेश चंद्र धाकड़
श्री गंगा लोक कल्याण सेवा संस्थान के सांस्कृतिक प्रकल्प बाँसुरी द्वारा वृन्दावन शोध संस्थान के सभागार में आयोजित द्वितीय राष्ट्रीय नाट्य एवं नृत्य महोत्सव ‘रंगोत्सव-2019’ में देशभर के रंगमंचीय कलाकारों ने शिरकत कर ज्वलंत और समसामयिक मुद्दों पर नाटकों का मंचन किया। वहीं सभागार के भव्य मंच पर लोक-शास्त्रीय नृत्य कलाकारों ने भी अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों से इस महोत्सव को यादगार बना दिया। वैष्णवी नृत्यालय सहारनपुर के कलाकारों ने कोरियोग्राफर रंजना नेब के निर्देशन में शानदार समूह नृत्य की प्रस्तुतियां दीं जिनको दर्शकों ने करतल ध्वनियों से सराहा। सभी कलाकारों का सम्मान भी किया गया। थोमचोक तम्फासना देवी ने मणिपुरी नृत्य की प्रस्तुति द्वारा रंग जमाया। दर्शकों ने उनकी प्रस्तुति की मुक्त कंठ से प्रशंसा की। आयोजकों द्वारा इस दल के कलाकारों को सम्मानित भी किया गया। वहीं बाँसुरी संस्था के लोक कलाकारों ने भी विनय गोस्वामी के निर्देशन में ब्रज के लोक गीतों और नृत्यों से दर्शकों का मन मोह लिया। दर्शकों पर कलाकारों की चरकुला लोकनृत्य की प्रस्तुति ने विशेष प्रभाव छोड़ा। इस महोत्सव में दोपहर में जहाँ विभिन्न वर्गों की लोक-शास्त्रीय नृत्य प्रतियोगिताएं होती थीं, वहीं शाम को विभिन्न दलों द्वारा नाटकों का मंचन किया जाता था। 19 सितंबर से 22 सितंबर तक आयोजित इस चार दिवसीय महोत्सव के लिए श्री माहेश्वरी सेवा सदन में बनाये गए रंगग्राम का नज़ारा भी बेशक़ अनूठा था। रंगग्राम में चहुँओर विभिन्न भाषा, वेशभूषा और संस्कृतियों को अंगीकृत किये हुए कलाकारों के दल दिखाई दे रहे थे। महोत्सव के समापन से पूर्व 22 सितंबर को दोपहर में वृन्दावन की सड़कों पर भव्य और विशाल रंग जुलूस भी निकाला गया। जिसमें कलाकारों के दल अपनी-अपनी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से मनोहारी सांस्कृतिक रंगत बिखेरते हुए चल रहे थे। इन अतिथि कलाकारों के दल का मार्ग में शहरवासियों द्वारा भव्य स्वागत और सत्कार भी किया गया। इस महोत्सव के समापन समारोह का शुभारंभ परम पूज्य स्वामी श्री गोविंदातीर्थ जी महाराज के आशीर्वचन के साथ हुआ। मुख्य अतिथि अलीगढ़ के मंडलायुक्त अजयदीप सिंह थे। अध्यक्षता श्री पद्मनाभ गोस्वामी जी ने की। विशिष्ट अतिथि सिटी मजिस्ट्रेट मनोज कुमार सिंह, एडीएम नागेंद्र सिंह थे। महोत्सव में विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाली शख्शियतों का सम्मान भी किया गया। कार्यक्रम के संयोजक विनय गोस्वामी ने स्वागत भाषण दिया। समारोह के मुख्य अतिथि मंडलायुक्त (अलीगढ़) श्री अजयदीप सिंह ने सर्वश्रेष्ठ ग्रुप और कलाकारों को पुरस्कार से नवाज़ा। सर्वश्रेष्ठ परंपरागत झांकी के लिए प्रथम पुरस्कार राम जानकी संस्था, द्वितीय पुरस्कार मचंदूतम को, राजनीतिक झांकी में प्रथम पुरस्कार कला निकेतन, द्वितीय पुरस्कार एपिक थिएटर को दिया गया। नुक्कड़ नाटक में सर्वश्रेष्ठ नाटक बिन पानी सब सून, द्वितीय बोल के लव आज़ाद है।आलेख और निर्देशन का प्रथम पुरस्कार राकेश रंजीत कवंर, द्वितीय पुरस्कार अजय रोशन और ज्योति को दिया गया। अभिनेता का प्रथम पुरस्कार वशिष्ठ सिन्हा, द्वितीय अजय रोशन को मिला। अभिनेत्री का प्रथम पुरस्कार दिव्या सहाय को, द्वितीय पुरस्कार काजल बादल को मिला। सहअभिनेता का प्रथम पुरस्कार धीरज मौर्य, द्वितीय किशोर काकाजी को मिला। सह अभिनेत्री में प्रथम पुरस्कार इंद्रजीत कौर, द्वितीय ज्योति को मिला। एकल अभिनय में प्रथम पुरस्कार मनीषा शर्मा, द्वितीय माधव राभा को मिला। लघु नाटक में सर्वश्रेष्ठ नाटक एवं आलेख में प्रथम पुरस्कार सुगंधि, द्वितीय पुरस्कार आप कौन चीज के डायरेक्टर हैं और तृतीय पुरस्कार नौटंकी में झमेला को मिला। निर्देशन में प्रथम पुरस्कार वसीम खान, द्वितीय सैकेत चट्टोपाध्याय, तृतीय वशिष्ठ सिन्हा को मिला। अध्यक्षीय पुरस्कार प्रानेर मानुष को दिया। अभिनेता में प्रथम सैकेत चट्टोपाध्याय, द्वितीय वशिष्ठ सिन्हा, तृतीय अजय रोशन को मिला। अभिनेत्री में प्रथम पुरस्कार फरजाना सैय्यद, द्वितीय मनीषा शर्मा, तृतीय नूतन सिन्हा को मिला। सह अभिनेता में प्रथम पुरस्कार आकाश सहाय, द्वितीय राकेश व्यास को मिला। सह अभिनेत्री में प्रथम पुरस्कार सेव्या सहाय, द्वितीय काजल को मिला। समूह लोक नृत्य में प्रथम पुरस्कार ध्रुपद एकेडमी, द्वितीय राम जानकी कटनी, तृतीय धरोहर एकेडमी तथा दुआमका संघ को मिला। कंटेपरेरी डांस समूह नृत्य में प्रथम पुरस्कार हुनर संस्था, द्वितीय बंजारा एकेडमी को मिला। उप शास्त्रीय समूह नृत्य में प्रथम वैष्णवी एकेडमी, द्वितीय कलाक्षेत्र कोलकाता रहे। आगरा के विश्वनिधि मिश्र, दिल्ली की राखी मानव, आसाम की पाखिला कलिता को निर्णायक की भूमिका के निर्वाहन और उनके रंगकर्म के क्षेत्र में योगदान के लिए, धनबाद के वशिष्ठ प्रताप सिन्हा, झारखंड के सैकत चटोपाध्याय को रंगकर्म में योगदान के लिए, कटनी की प्रीती परोहा, नागपुर के ऋषिकेश पोहनकर, अलीगढ़ की पूनम सारस्वत, आगरा के रवि भूषण को नृत्य निर्णायक और नृत्य के क्षेत्र में योगदान के लिए, जयपुर के दीपक सिन्सिनबार, आगरा के डॉ.महेश चंद्र धाकड़ को पत्रकारिता के लिए, सूरज तिवारी को फ़िल्म निर्देशन एवं इवेंट मैनेजमेंट इंडस्ट्री के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान हेतु सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में महेश खंडेलवाल, मोहनलाल गौतम मोही, पं.जुगल किशोर शर्मा, आशीष अग्रवाल, राकेश अग्रवाल, मुकुल गौतम, भीमसेन अग्रवाल, अखिल अग्रवाल, लक्ष्मण सर्राफ आदि भी उपस्थित रहे । समापन समारोह का संचालन निशि राज एवं रश्मि श्रीधर ने किया। धन्यवाद विनय गोस्वामी ने दिया।

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