केंद्रीय हिंदी संस्थान, आगरा के हैदराबाद केंद्र के नवनिर्मित भवन का उद्घाटन

उद्घाटन केंद्रीय शिक्षा मंत्री, भारत सरकार और केंद्रीय हिंदी शिक्षण मंडल, आगरा के अध्यक्ष डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत की क्षेत्रीय भाषाओं के विकास को लेकर बहुत चिंतित हैं। उनका सपना भी है – एक भारत, श्रेष्ठ भारत-डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’

तेलंगाना सरकार से अनुरोध करता हूँ कि संस्थान को 10 एकड़ भूमि और उपलब्ध कराई जाए, जिससे हिंदी प्रेमियों को भविष्य में बहुत अधिक सुविधा होगी-सी.एच. मल्ला रेड्डी

केन्द्रीय हिंदी संस्थान के संस्थापक की जन्मभूमि तेलुगु प्रदेश में नए भवन का उद्घाटन संस्थापक स्वर्गीय मोटूरि सत्यनारायण के भारतीय भाषाओं में संवाद, सद्भावना और समन्वय के प्रयासों का भवन के रूप में प्रकटीकरण है-

ब्रज पत्रिका। केंद्रीय हिंदी संस्थान के हैदराबाद केंद्र के नवनिर्मित भवन का उद्घाटन केंद्रीय शिक्षा मंत्री, भारत सरकार और केंद्रीय हिंदी शिक्षण मंडल, आगरा के अध्यक्ष डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने किया। केंद्रीय हिंदी संस्थान, आगरा के क्षेत्रीय केंद्र हैदराबाद के नवनिर्मित भवन का यह उद्घाटन ऑनलाइन माध्यम से संपन्न हुआ। इस अवसर पर हैदराबाद केंद्र का मल्टीमीडिया वीडियो प्रस्तुत किया गया, जिसमें हैदराबाद केंद्र के नवनिर्मित भवन की विशेषताओं एवं उसके कार्यों से परिचित कराया गया।

शिक्षा मंत्री श्री निशंक ने संबोधन में कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विचार व्यक्त किए।

नई शिक्षा नीति और आरंभिक शिक्षा मातृभाषा में –

“नई शिक्षा नीति में हम मातृभाषा को लेकर आए हैं। भाषा शब्द नहीं है, भावना है। भाषा में परंपरा है, संस्कृति है, जीवन-मूल्य हैं। हम इन भाषाओं को टूटने नहीं दे सकते। मातृभाषा में बहुत से देशों ने शिक्षा की व्यवस्था की है। जर्मनी, फ्रांस, जापान, इज्राइल आदि देशों के उदाहरण हमारे सामने हैं। इन सभी देशों ने मातृभाषा में पठन-पाठन कर अनुसंधान और तकनीक के क्षेत्र में बहुत प्रगति की है। हमें विदेशी भाषाओं को भी जानना है, पर अपनी जड़ों को भी नहीं छोड़ना है। राज्यों से मेरा अनुरोध है कि मातृभाषा में शिक्षा की व्यवस्था को लागू करें। नई शिक्षा नीति भारतीय भाषाओं को विकसित करने में आधारशिला का कार्य करेगी। इस संबंध में केंद्रीय हिंदी संस्थान की बहुत बड़ी भूमिका हो सकती है।”

भारतीय भाषा विश्वविद्यालय बनाने की योजना –

“भारतीय भाषा विश्वविद्यालय बनाने के लिए हम प्रयासरत हैं, जिससे अलग-अलग क्षेत्रों के लोग अलग-अलग राज्यों की भाषाओं को सीख सकें। बहुत आवश्यक है कि उत्तर के लोग दक्षिण की भाषाओं को सीखें और दक्षिण के लोग उत्तर की भाषाओं को जानें। एक-दूसरे की संस्कृति, परंपरा, खान-पान से परिचित हों, तभी यह देश एक होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत की क्षेत्रीय भाषाओं के विकास को लेकर बहुत चिंतित हैं। उनका सपना भी है – एक भारत, श्रेष्ठ भारत।”

भारतीय भाषाओं के संवर्धन पर बल –

“हम सभी गांधी के सपने को साकार कर रहे हैं जिसमें हमें देश की 22 भाषाएँ जो संविधान की अनुसूची में सम्मिलित हैं, को और सशक्त करने का कार्य करना है और इन सबको जोड़ने का महत्वपूर्ण दायित्व हिंदी पर है। आवश्यकता इस बात की है कि हिंदी की सशक्तता के लिए इन 22 भाषाओं से शब्द लेकर उसका सामर्थ्य बढ़ाया जाए। यही एक ऐसी भाषा है जिसमें लालित्य भी है, शब्द-भंडार भी है। संभवतः यही एक ऐसी भाषा होगी जिसकी 09 लाख से अधिक शब्द-संपदा है और यह ताकत अवश्य ही देश की इन 22 भाषाओं से मिलती है।”

कार्यक्रम की अध्यक्षता सी.एच. मल्ला रेड्डी, श्रम, रोजगार महिला और बाल विकास मंत्री, तेलंगाना सरकार ने की। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में श्री रेड्डी ने कहा कि,

“केंद्रीय हिंदी संस्थान के हैदराबाद केंद्र के शिलान्यास के अवसर पर भी मैं उपस्थित था। भूमि पूजन के अवसर पर मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री, सतपाल सिंह भी उपस्थित थे। आज इस भवन के उद्घाटन के अवसर पर भी मैं उपस्थित हूँ, यह हर्ष का विषय है। मैं तेलंगाना सरकार से अनुरोध करता हूँ कि संस्थान को 10 एकड़ भूमि और उपलब्ध कराई जाए, जिससे हिंदी प्रेमियों को भविष्य में बहुत अधिक सुविधा होगी।”

धन्यवाद ज्ञापित करते हुए केंद्रीय हिंदी शिक्षण मंडल, आगरा के उपाध्यक्ष अनिल कुमार शर्मा ‘जोशी’ ने कहा कि,

“आज सभी ने एक ऐतिहासिक भाषण सुना। आज एक ऐतिहासिक क्षण है। जब इस देश में भाषा को केंद्र में  रख नई शिक्षा नीति देने वाले हमारे यशस्वी माननीय शिक्षा मंत्री के कर कमलों से  केंद्रीय हिंदी संस्थान के संस्थापक की जन्मभूमि तेलुगु प्रदेश में नए भवन का उद्घाटन हुआ है। यह केवल एक भवन का उद्घाटन नहीं है। यह इस शिक्षा नीति  में प्रस्तावित हिंदी और भारतीय भाषाओं के उत्थान के प्रयासों का महत्वपूर्ण पड़ाव है। संस्थान के संस्थापक स्वर्गीय मोटूरि सत्यनारायण के भारतीय भाषाओं में संवाद, सद्भावना और समन्वय के प्रयासों का भवन के रूप में प्रकटीकरण है।”

स्वागत वक्तव्य प्रस्तुत करते हुए केंद्रीय हिंदी संस्थान, आगरा की निदेशक प्रो. बीना शर्मा ने अपने उद्बोधन में शिक्षा मंत्री, भारत सरकार डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’, कार्यक्रम के अध्यक्ष सी.एच. मल्लारेड्डी, श्रम, रोजगार, महिला और बाल विकास मंत्री, तेलंगाना सरकार, जी. सायन्नाव, विधायक, सिकंदराबाद छावनी; एन. रामचंद्र राव, विधायक, हैदराबाद, तेलंगाना, अनिल शर्मा ‘जोशी’, उपाध्यक्ष, केंद्रीय हिंदी शिक्षण मंडल, आगरा का स्वागत किया।

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