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ट्रिपल पी फॉर्मूला पर केंद्रित रहेगा ‘आगरा फुटवियर काॅन्क्लेव’

• काॅन्क्लेव में जूता उद्यमियों और विशेषज्ञों के बीच होगा बौद्धिक मंथन, जुटेंगे प्रदेश और देश के दिग्गज।

• काॅन्क्लेव की प्रदर्शनी में फुटवियर, कम्पोनेंट्स और आधुनिक मशीनों का होगा प्रदर्शन।

ब्रज पत्रिका, आगरा। फ्रेटर्निटी ऑफ आगरा फुटवियर मैन्यूफैक्चर्स (एफएएफएम), आगरा फुटवियर मैन्युफैक्चरर्स एंड एक्सपोर्टर्स चेम्बर (एफमेक) एवं काॅरपोरेट काउंसिल फाॅर लीडरशिप एंड अवेयरनेस (सीसीएलए) के संयुक्त तत्वावधान में शनिवार को होटल फेयरफील्ड बाय मैरिएट में ‘आगरा फुटवियर काॅन्क्लेव’ का उद्घोषणा समारोह आयोजित किया गया।


एफमेक अध्यक्ष पूरन डावर द्वारा मंच से काॅन्क्लेव की उद्घोषणा के बाद मौजूद आयोजन समिति के पदाधिकारियों एवं अतिथियों ने अपने-अपने विचार साझा किये।

कॉन्क्लेव की जानकारी देते हुए एफएएफएम के अध्यक्ष कुलदीप सिंह कोहली ने कहा कि,

“दो दिवसीय ‘आगरा फुटवियर काॅन्क्लेव’ आगामी 16 और 17 सितम्बर को आगरा के होटल हॉलि-डे इन में संपन्न होगा। काॅन्क्लेव का स्लोगन ‘शोकेस ऑफ इंडियन फुटवियर इंडस्ट्री’ रखा गया है जिसके अनुरूप इस आयोजन में भारतीय जूता उद्योग के व्यापक स्वरुप को बौद्धिक चर्चा और प्रदर्शनी के माध्यम से प्रदर्शित किया जाएगा।”

एफमेक अध्यक्ष पूरन डावर ने बताया कि,

“काॅन्क्लेव में जूता उद्यमियों और विशेषज्ञों के बीच बौद्धिक मंथन ट्रिपल पी यानी प्रिपरेशन, प्रोडक्शन, प्रोजेक्शन पर केंद्रित रहेगा। साथ ही साथ जूता उद्योग के प्रोत्साहन और वर्तमान परिदृश्य में चुनौतियों पर मंथन होगा। आगरा के लेदर फुटवियर को मिले बौद्धिक सम्पदा अधिकार (जीआई) को किस प्रकार मार्केटिंग टूल के रूप में इस्तेमाल करें, इस पर भी विशेषज्ञ व्यख्यान देंगें। बीआईएस से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने के लिए एक विशेष सत्र रहेगा।”

इफ्कोमा के महासचिव दीपक मनचंदा ने कहा कि,

“भारत की खपत 1.9 प्रति कैपिटा पेयर है वहीं अमेरिका में यह आकंड़ा 7 से 8 पेयर का है अन्य देशों में इसके मध्य खपत रहती है। भारत के घरेलू बाजार में यदि प्रति व्यक्ति एक पेयर की मांग बढ़ेगी तो हमें 140 करोड़ पेयर निर्माण की जरुरत है इसलिए इस बात को हमें समझना होगा, हमारा घरेलू जूता बाज़ार अपार संभावनाओं से भरा है।”

श्रॉफ ग्रुप के चेयरमैन अनिल मगन ने कहा कि,

“विश्व के बदलते परिवेश में चाइना प्लस वन की पॉलिसी पर काम कर रहा है। आज चाइना के विकल्प के रूप में भारत को देखा जा रहा है। यह स्थिति जूता निर्यात के लिए व्यापक विस्तार की संभावनाओं को दर्शाती है।”

काॅन्क्लेव की महत्वपूर्ण बातें जो इसे बनाएगीं ख़ास

• ट्रिपल पी फॉर्मूले को अमलीजामा पहनायेगा कॉन्क्लेव।
• आगरा को ग्लोबल फुटवियर फैक्ट्री के रूप में विकसित करने को बनेगी रणनीति।
• निर्यात और घरेलू बाज़ार में आगरा की भागीदारी बढ़ाने को विशेषज्ञ करेंगें मंथन।
• जूता निर्माण में कला और तकनीक के समावेश के लिए शुरू होगी शोध और विकास की पहल।
• कॉन्क्लेव की प्रदर्शनी में फुटवियर, कम्पोनेंट्स और मशीनों की आधुनिकता का होगा प्रदर्शन।
• जीआई और बीआईएस पर होंगें विशेष सत्र।

संचालन नकुल मनचंदा ने किया। इस मौके पर एलर्ट सोल के एमडी चंद्र मोहन सचदेवा, एफमेक के प्रदीप वासन, एफएएफएम के उपाध्यक्ष मनीष लूथरा, संयुक्त सचिव नकुल मनचंदा, कोषाध्यक्ष रोमी मगन, सीसीएलए के महासचिव अजय शर्मा, संयोजक ब्रजेश शर्मा आदि विशेष रूप से मौजूद रहे।

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