माधुर्य संस्था ने युवा लेखिका समायरा विजय गुप्ता का अंग्रेजी उपन्यास ‘ब्लंडर इन स्ट्रोथम’ किया लोकार्पित, समीक्षकों की मिली सराहना
नवोदित युवाओं का साहित्य लेखन और प्रकाशन किसी युवा क्रांति से कम नहीं : डॉ. विजय श्रीवास्तव
राजनीतिक भ्रष्टाचार और अमानवीयता पर प्रहार के साथ अस्तित्ववाद की पुकार है यह कृति : डॉ. आर एस तिवारी ‘शिखरेश’
मोबाइल की दुनिया से निकल कर साहित्य सृजन का यह प्रयास स्तुत्य है : निर्मला दीक्षित
यह क्राईम थ्रिलर पाठकों तक अवश्य पहुँचना चाहिए : डॉ. इरमीन फरहत अली
इस उपन्यास से साहित्य के क्षेत्र में युवाओं को नई प्रेरणा और जागृति मिलेगी : निशिराज
ब्रज पत्रिका, आगरा। साहित्यिक एवं सांस्कृतिक संस्था माधुर्य द्वारा रविवार को गुरुद्वारा गुरु का ताल के पास द एस्केप रूफटॉप रेस्टोरेंट पर ताजनगरी के चिकित्सक दंपति डॉ. विजय गुप्ता और डॉ. पायल सक्सेना की सुपुत्री दिल्ली पब्लिक स्कूल में नाइंथ क्लास की छात्रा समायरा विजय गुप्ता के अंग्रेजी उपन्यास ‘ब्लंडर इन स्ट्रोथम’ का लोकार्पण किया गया।


अध्यक्षीय उद्बोधन में आरबीएस कॉलेज के प्राचार्य डॉ. विजय श्रीवास्तव ने कहा कि,
“एआई, चैट जीपीटी और ऑनलाइन पठन-पाठन के दौर में मौलिक पुस्तकों का लेखन और प्रकाशन निश्चित ही विलुप्त होती पुरानी परंपराओं को पुनर्जीवित करने जैसा भगीरथ यत्न है। समायरा विजय गुप्ता जैसे नवोदित युवाओं का साहित्य लेखन और प्रकाशन किसी युवा क्रांति से कम नहीं। आज बच्चों में सृजन के संस्कारों का पोषण जरूरी है।”
पुस्तक की समीक्षा करते हुए वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. आरएस तिवारी ‘शिखरेश’ ने कहा कि,
“इस मर्डर मिस्ट्री में राजनीतिक भ्रष्टाचार और अमानवीयता पर प्रहार के साथ अस्तित्ववाद की पुकार है, जिसे इतनी कम उम्र में इतनी खूबसूरती से समायरा ने उकेरा है कि उसका लयात्मक गद्य दिल छू जाता है।”
मुख्य अतिथि, बुक्स एंड ब्रूज आगरा कम्युनिटी की फाउंडर डॉ. इरमीन फरहत अली ने कहा कि,
“उपन्यास की भाषा सहज और सरल है जिसे पाठक आसानी से समझ सकेंगे। यह क्राईम थ्रिलर व्यापक पाठकों तक अवश्य ही पहुँचना चाहिए।”
उन्होंने बताया कि,
“उनकी कम्युनिटी युवा लेखकों को प्रोत्साहित करने का काम निरंतर कर रही है। इसी क्रम में समायरा के साथ भी एक कार्यक्रम शीघ्र ही आयोजित किया जाएगा।”
विशिष्ट अतिथि उत्तर प्रदेश महिला आयोग की पूर्व सदस्य निर्मला दीक्षित ने कहा कि,
“मोबाइल की दुनिया से निकलकर साहित्य सृजन का यह प्रयास स्तुत्य है।”
माधुर्य के संरक्षक वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. राजेंद्र मिलन ने भी युवा रचनाकार समायरा को आशीर्वाद दिया।
माधुर्य की संस्थापक-अध्यक्ष निशिराज ने कहा कि,
“इस उपन्यास से साहित्य के क्षेत्र में युवाओं को नई प्रेरणा और जागृति मिलेगी।”
समायरा गुप्ता ने अपने उपन्यास पर प्रकाश डालते हुए अपनी लेखन यात्रा को साझा किया। शरद गुप्ता और प्रकाश गुप्ता बेबाक ने माधुर्य संस्था का परिचय दिया।
कार्यक्रम का संचालन निशिराज ने किया। डॉ. विजय गुप्ता, डॉ. पायल सक्सेना, मंजू सक्सेना, धनेश सक्सेना, सावित्री गुप्ता, भगवती प्रसाद गुप्ता, राजकुमार जैन, दुर्गेश पांडे, किरन सिंह और कुमार ललित ने अतिथियों का स्वागत किया।
इस दौरान डॉ. सुषमा सिंह, रमा वर्मा, अशोक अश्रु, पं. महेश चंद शर्मा गोपाली, रामेंद्र शर्मा रवि, भरत सिंह परमार, ओम स्वरूप गर्ग, नंद नंदन गर्ग, निधि चतुर्वेदी, मधु सक्सेना, पार्षद भरत शर्मा, बाल रूप विशेषज्ञ डॉ. राकेश भाटिया, डॉ. नवनीत अग्रवाल, डॉ. एनबी सक्सेना, डॉ. दीप्ति माला अग्रवाल, डॉ. जनार्दन पाटिल, रंगकर्मी उमाशंकर मिश्र, नीरज अग्रवाल, डॉ. महेश धाकड़, अंकुश गुप्ता, दीपक श्रीवास्तव, रामकुमार वर्मा और सौरभ अग्रवाल भी प्रमुख रूप से मौजूद रहे।

