UA-204538979-1

भक्ति संगीत की सुमधुर स्वर लहरियों के साथ ‘श्री कृष्णामृतम् समारोह’ संपन्न

कार्यक्रम में ‘सिनेमाँ’ तथा ‘बच्चों की दुनिया’ नामक पुस्तकों का हुआ लोकार्पण।

ब्रज पत्रिका, आगरा। जन्माष्टमी की पूर्व बेला में श्री कृष्ण जी को समर्पित गीतों की सुमधुर स्वर लहरियों के साथ ‘श्री कृष्णामृतम् समारोह’ संपन्न हुआ। श्री कृष्ण जन्माष्टमी के आगमन की खुशी में आयोजित इस कार्यक्रम में ‘सिनेमाँ’ तथा ‘बच्चों की दुनिया’ नामक पुस्तकों का लोकार्पण ग्रीन हाउस, भोगीपुरा, शाहगंज में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती वंदना एवं सुधीर शर्मा के स्वागत उद्बोधन के साथ हुआ।

मुख्य अतिथि राजीव पाल (पूर्व कमिश्नर भविष्य निधि, दिल्ली) ने कहा कि,

“दोनों कृतियां अपने आप में अद्भुत हैं और बच्चों के लिए ही नहीं सामान्य जन के लिए भी उपयोगी हैं।”

डॉ. राजेंद्र मिलन ने डॉ. रमेश आनंद द्वारा लिखित पुस्तक ‘बच्चों की दुनिया’ के विषय में बोलते हुए कहा कि,

“बच्चे नाजुक मन के होते हैं उनका अपना एक संसार होता है और इस पुस्तक की रचनाएं उनके संसार के उपयुक्त हैं वे जल्दी उन्हें याद कर लेंगे और उन्हें इसका आनंद आएगा।”

डॉ. अशोक अश्रु ने सुधीर शर्मा की पुस्तक “सिनेमाँ” पर बोलते हुए कहा कि,

“संभवत: इस विषय पर यह पहली पुस्तक प्रकाशित हुई है, और सचमुच फिल्मों में तमाम सारे किरदार होते हैं लेकिन मां का किरदार निभाना आसान नहीं है। उस माँ के किरदार को जिन-जिन अभिनेत्रियों ने निभाया है उन पर यह परिचयात्मक कृति महत्वपूर्ण है।”

इसके उपरांत द्वितीय सत्र में श्री कृष्ण जी को समर्पित गीतों का प्रारंभ अमीषा, श्वेता, पूजा तोमर एवं निशा ने “जसोदा हरि पालने झुलावे…!” सूरदास जी के इस पद से किया। सुशील सरित और पूजा तोमर ने सुशील सरित की ही रचना “जादूगर तेरे नैना…!” एवं संकीर्तन “श्री कृष्ण गोपाल गोविंदम…!” की प्रस्तुति दी। इसके उपरांत सुभाष सक्सेना के निर्देशन में संकीर्तन “हरे हरे हरे हरे कृष्णा कृष्णा हरे हरे…!” प्रस्तुत किया गया। आयोजन में तबले पर संगत परमानंद शर्मा ने की।

विशिष्ट अतिथि के रूप में बोलते हुए विजय लक्ष्मी शर्मा ने कहा,

“कोरोना काल के बाद अब जन-जीवन अपनी पटरी पर लौट रहा है, तो ऐसे आयोजन सभी को ऊर्जा देंगे।”

कार्यक्रम में विजया तिवारी, विनय बंसल, लक्ष्मी, डॉ. महेश धाकड़, अजय गुप्ता, ऋतुराज दुबे, लावण्या शर्मा, निखिल शर्मा आदि की उपस्थिति उल्लेखनीय रही। संचालन सुशील सरिता ने किया। धन्यवाद ज्ञापन चंद्रशेखर शर्मा ने किया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!