केरल में मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के कामकाज की जीत, भाजपा का हुआ सूपड़ा साफ!

140 सीटों में से एलडीएफ को 99 सीटों पर जीत मिली है, वहीं यूडीएफ को 41 सीटों पर ही जीत मिली है।

ब्रज पत्रिका। केरल में लगता है मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के कामकाज की जीत हुई है। उन्होंने दूसरी बार ऐतिहासिक जीत दर्ज करके सत्ता की अदला-बदली के चलन को भी दरकिनार कर दिया है। जनता ने सत्तारूढ़ सीपीएम के नेतृत्व वाले वाम लोकतांत्रिक मोर्चा को सत्ता में फिर से काबिज होने के लिए जनता ने जनादेश दे दिया है।

140 सीटों में से एलडीएफ को 99 सीटों पर जीत मिली है, वहीं यूडीएफ को 41 सीटों पर ही जीत मिली है। जबकि इस चुनाव में एनडीए को एक भी सीट नहीं मिली है। इसके साथ ही केरल में कम्युनिस्ट और कांग्रेस नीत यूडीएफ के बीच सत्ता की अदला-बदली के चार दशक पुराने चलन को जनता ने इस चुनाव में खत्म कर दिया है।

केरल में सत्तारूढ़ माकपा नीत एलडीएफ का नेतृत्व करने वाले मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज करने के बाद नए मंत्रिमंडल के गठन से पहले सोमवार को केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान को अपने पद से इस्तीफा सौंप दिया है। हालांकि राज्यपाल ने उनसे नई सरकार के शपथ ग्रहण लेने तक मुख्यमंत्री के रूप में कार्य करने के लिए कहा है।

महिलाओं के बढ़ते हुए रुतवे और लोकप्रियता का संकेत

केरल विधानसभा के 140 सदस्यीय सदन में इस बार दहाई का आंकड़ा पार करते हुए 11 महिलाओं ने जीत दर्ज की है। चुनाव मैदान में इस बार 103 महिलाओं ने अपनी-अपनी किस्मत आजमाई थी। वर्ष 2016 के चुनाव में आठ महिलाओं को जीत हासिल हुई थी। वर्ष 2001 के बाद पहली बार महिलाओं के विधानसभा में पहुंचने की ये दहाई की संख्या महिलाओं के बढ़ते रुतवे और उनकी लोकप्रियता में इज़ाफ़े की ओर संकेत भी कर रही है।

चुनाव में भाजपा को करारी हार का सामना करना पड़ा

केरल विधानसभा चुनाव में बीजेपी खाली हाथ रही है, क्योंकि सीपीआई-एम के वी शिवंकुट्टी ने निमोम निर्वाचन क्षेत्र से पार्टी के मौजूदा विधायक कुम्मनम राजशेखरन को 5000 मतों के अंतर से हरा दिया है। बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष के सुरेंद्रन अपने दोनों विधानसभा क्षेत्रों मांजेश्वरम और कोन्नी से चुनाव हार गए हैं।

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