बच्चों की खातिर बनते फौलाद हमारे बाबूजी, अंत समय रह जाते बेऔलाद अभागे बाबूजी!
संस्कार भारती की काव्य गोष्ठी में कवियों ने विभिन्न विषयों पर सुनाईं अपनी अपनी कविताएं।
ब्रज पत्रिका, आगरा। संस्कार भारती, आगरा महानगर, बृज प्रान्त द्वारा राजेश गर्ग और शीला गर्ग को समर्पित 14वीं नमन काव्य गोष्ठी 28 अप्रैल 2026 को आर्य समाज मन्दिर, जयपुर हाउस, आगरा पर आयोजित की गई। वरिष्ठ कवि एवं साहित्यकार विजया तिवारी, संस्कार भारती के प्रांतीय संरक्षक एवं वरिष्ठ साहित्यकार हरिमोहन सिंह कोठिया, कार्यक्रम के अध्यक्ष अशोक गोयल एवं एसबीआई पेंशनर्स एसोसिएशन, आगरा के अध्यक्ष नंद नन्दन गर्ग ने मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित करके शुभारंभ किया। चित्रकार एवं कवयित्री डा. आभा सिंह गुप्ता ने सरस्वती वन्दना प्रस्तुत की।

प्रख्यात ओज कवि मोहित सक्सैना ने सुनाया,
“बच्चों की खातिर बनते फौलाद हमारे बाबूजी,
अंत समय रह जाते बेऔलाद अभागे बाबूजी
बाट जोहते बेटों की लाचार से बाबूजी
कभी धूप तो सावन की बौछार से बाबूजी।”
ओज कवि हीरेन्द्र नरवार ‘हृदय’ ने इस रचना से खूब तालियां बटोरीं,
“ईश्वर की सृष्टि चलाने वाली एक प्रखर अभियंता है,
लेकिन अपना अस्तित्व बचाने बेबस खड़ी अजंता है,
निज साँसों की चिंगारी से जीवन की ज्योति जलाती है,
जब पीर प्रसव की होती है, प्राणों का दाव लगाती है,
संतानें पैदा करने में जो अपना यौवन खोती है, वो माँ होती है।”
कवि प्रभुदत्त उपाध्याय ने सुनाया,
“आदमी से दूर कितना हो चला है आदमी।
रोज टच में है मगर टच में नहीं है आदमी।”
कवि राजीव क्वात्रा आगरावासी ने सुनाया,
“वृंदावन का भ्रमण कर लिया
संवारे को नमन कर लिया
कृष्ण राधा भजन कर लिया।
रोग संताप मिटने लगे
और सुखों का सृजन कर लिया।।”
कवि संजय कुमार एडवोकेट ने सुनाया,
“बेटियां पराई कहने वालों एक बात बतलाओ,
आंखों में आंसू भर विदा करने वाले, एक बात बतलाओ,
उसके जन्म से तुम्हारे मरण तक कितनी बेटियों ने मुख मोडा है,
तुम्हारी पुकार पर आए, फिर पराई कैसे हैं बतलाओ।”
कवि अजय मिश्रा अजेय ने भी अपनी रचना सुनाई। काव्य गोष्ठी में वरिष्ठ कवि एवं साहित्यकार डॉ. राजेंद्र मिलन, डॉ. शुभदा पाण्डेय, विजया तिवारी, मीना शर्मा, हरिमोहन सिंह कोटिया, अकील सिद्दीकी, अलका शर्मा, डॉ. राजेंद्र दवे, प्रणव कुमार कुलश्रेष्ठ, हरिकांत शर्मा, रवींद्र वर्मा, चंद्रशेखर शर्मा, सर्वेंद्र कुमार कुलश्रेष्ठ, विनय बंसल, राजकुमार उपाध्याय, संजय कुमार, अंकिता शर्मा त्रिपाठी, अशोक अश्रु, अशोक गोयल, राकेश शर्मा, रामावतार शर्मा, टिंकू सांवरिया, बृजेश बेबाक, डॉ. शेष पाल सिंह, जयपाल सिंह बामोर, कामेश मिश्रा सनसनी, डॉ. रेखा गौतम, डॉ. सुनीता चौहान, हुकम सिंह, हरीश अग्रवाल, अजय कुमार मिश्रा, आरती शर्मा, डॉ. रमा रश्मि, आचार्य उमाशंकर पाराशर, डॉ. राजीव शर्मा निस्पृह , सुभाष प्रजापति, प्रभाकर नारायण अग्रवाल, डॉ. राघवेन्द्र दुबे, डॉ. कुसुम चतुर्वेदी, शिक्षाविद डॉ. सुषमा सिंह, राम अवतार शर्मा, चित्रकार और कवियत्री रश्मि सिंह आदि ने भी काव्यपाठ किया।
कार्यक्रम का संचालन प्रभुदत्त उपाध्याय और संजय कुमार एडवोकेट ने, संयोजन संस्कार भारती के प्रांतीय महामंत्री नन्द नन्दन गर्ग ने, धन्यवाद ज्ञापन महामंत्री ओम स्वरूप गर्ग ने किया। इंजी. सुरेश चन्द्र अग्रवाल, दीपक गर्ग, चंद्रशेखर शर्मा, राजीव क्वात्रा आगरावासी आदि ने व्यवस्थाएं संभाली।
काव्य कृति ‘फूलों की नदी में नौका सा मन’ का लोकार्पण
कार्यक्रम में डॉ. शुभदा पाण्डेय की काव्य कृति ‘फूलों की नदी में नौका सा मन’ का लोकार्पण किया गया। शुभदा पाण्डेय ने इस पुस्तक में विभिन्न प्रकार के 100 फूलों के ऊपर कविताएं लिखी हैं। पुस्तक की समीक्षा डॉ. रविन्द्र वर्मा और प्रभुदत्त उपाध्याय ने प्रस्तुत की।


“बच्चों की खातिर बनते फौलाद हमारे बाबूजी,