टैक्सटाइल पार्क की कवायद तेज, आगरा की गारमेंट एण्ड हौजरी संस्थाओं का प्रतिनिधि मंडल पहुंचा लखनऊ

ब्रज पत्रिका, आगरा। आगरा गारमेंट ट्रेडर्स एंड मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन और आगरा हौजरी मैन्युफैक्चरर्स एंड ट्रेडर्स ऑर्गेनाइजेशन का एक संयुक्त प्रतिनिधि मंडल लखनऊ में 21 जुलाई को प्रदेश के राज्यमंत्री चौधरी उदयभान सिंह एवं अपर मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश सरकार रमा रमन से मिला। इस बैठक में आगरा में प्रस्तावित गारमेंट पार्क पर विस्तृत चर्चा की गई। राज्यमंत्री श्री सिंह ने अवगत कराया कि गारमेंट पार्क के लिए तकरीबन 250 एकड़ जमीन, यमुना एक्सप्रेस वे के पास पूर्व में अधिग्रहण की गई, 1000 एकड़ थीम पार्क वाली जगह में से मिलने की पूर्ण संभावना है। इस जगह के लिए उन्होंने सैद्धांतिक रूप से सहमति प्रदान करते हुए तुरंत अगली कार्यवाही करने की बात कही है।

आगरा क्षेत्र का होने के कारण राज्यमंत्री चौधरी उदयभान सिंह का भी भरसक प्रयास यह रहा है कि आगरा गारमेंट हब बने। इसका स्वरूप बहुत ही विशाल एवं आधुनिक होने के साथ-साथ अधिक से अधिक संख्या में लोगों को रोजगार देने वाला हो। इसी दिशा में कदम भी बढ़ाए जा रहे हैं। गारमेंट्स एंड होजरी एसोसिएशन द्वारा एक फॉर्म बनाकर आगरा में व्यापारियों से गारमेंट्स हब बनाने में सहभागिता रखने हेतु सर्वे किया गया है, मात्र तीन से पाँच दिनों के अंदर ही लगभग 300 से अधिक व्यापारियों ने इसमें अपनी इच्छा प्रकट की है और साथ ही लिखित रूप में भी इसके लिए रुचि दिखाई है।

प्रतिनिधि मंडल ने प्रस्तावित थीम पार्क में उद्योग लगाने की प्रबल इच्छा व्यक्त की और अपर मुख्य सचिव को वर्तमान की यूपी टेक्सटाइल पॉलिसी को और अधिक आकर्षक बनाने हेतु कई सुझाव प्रस्तावित किए हैं। जैसे कि कैपिटल सब्सिडी में बढ़ोतरी, ब्याज दर में बेहतर सब्सिडी, एंप्लॉयमेंट जेनरेशन सब्सिडी के प्रावधानों में सुधार, पावर सब्सिडी, एक्सपोर्ट इंसेंटिव आदि। यह प्रस्ताव अन्य राज्यों की टेक्सटाइल पॉलिसी के विस्तृत अध्ययन के उपरांत प्रस्तुत किए गए हैं। इन प्रस्तावित सुझावों पर अपर मुख्य सचिव ने गंभीरता से विचार करते हुए उचित कार्यवाही करने की बात कही है। उल्लेखनीय है कि वर्तमान में अन्य राज्यों की टेक्सटाइल पॉलिसी अधिक आकर्षक होने के कारण आगरा से ही नहीं बल्कि समस्त उत्तर प्रदेश से, उद्यमी अन्य राज्यों में अपनी इकाइयां लगा रहे हैं। इस परिस्थिति के समाधान हेतु वर्तमान में राज्य में स्थापित गारमेंट उद्योग को बढ़ावा देने के लिए और मुख्य रूप से यूपी टेक्सटाइल पॉलिसी में कुछ मूलभूत परिवर्तन अति आवश्यक है। प्रस्तावित संशोधनों की स्वीकृति से आगरा ही नहीं, बल्कि समस्त यूपी में रोजगार सृजन के अनेक अवसर उत्पन्न होंगे।

संयुक्त प्रतिनिधि मंडल में गारमेंट एसोसिएशन की ओर से आर.के. नैयर (अध्यक्ष), गौरव जैन (सचिव),  सुनील जैन (उपाध्यक्ष) एवं विजय मेहता रहे। होजरी ऑर्गेनाइजेशन की ओर से रवि प्रकाश अग्रवाल (संरक्षक), राकेश बंसल (अध्यक्ष), दिवाकर पंजवानी (मैन्युफैक्चरर सेल अध्यक्ष), आलोक जैन (महामंत्री), अतुल कुमार अग्रवाल (उपाध्यक्ष)  एवं विकास कुमार उपस्थित उपस्थित रहे। बैठक में फर्रुखाबाद टैक्सटाइल पार्क के एमडी रोहित गोयल भी थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!