गुड़िया हमारी सभी पे भारी एक ऐसा शो है जहां पर कभी कोई सुस्त पल नहीं होता-गोपी देसाई

‘गुड़िया हमारी सभी पे भारी’ में अपनी भूमिका के बारे में विस्तार से बात की गोपी देसाई ने।

ब्रज पत्रिका। गुड़िया (सारिका बहरोलिया) की साधारण सी जिंदगी में मजेदार ट्विस्ट और टन्र्स लाकर एण्ड टीवी का शो ‘गुड़िया हमारी सभी पे भारी‘ लगातार अपने दर्शकों का मनोरंजन कर रहा है। अब आगामी एपिसोड में एक बार फिर गुड़िया की जिंदगी में रोचक मोड़ आने वाला है क्योंकि बिजली बुआ के रूप में शो में गोपी देसाई की एंट्री हो रही है। गोपी लगभग पिछले चार दशक से मनोरंजन उद्योग का हिस्सा हैं, और समय के साथ उन्होंने मजबूत नकारत्मक किरदारों के साथ खुद के लिए एक खास जगह बनाई है। इस शो में, गोपी शॉर्ट टर्म मेमोरी लॉस की तकलीफ से जूंझती हुई नजर आएंगी। अपनी भूमिका के बारे में खुल्लम-खुल्ला बातचीत करते हुए, दिग्गज अभिनेत्री ने कई बातें शेयर की।

आपके अब तक के सफर के बारे में हमें विस्तार से बताइये?

“मैंने 1978 में बतौर बाल-कलाकार थिएटर से अपने अभिनय की शुरुआत की थी। अपनी कौशल प्रतिभा को और निखारने के लिए, मैंने नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा में एडमिशन लिया। मैंने अपने एक्टिंग करियर से ब्रेक लिया था, क्योंकि मैंने इसरो को उनके प्रायोगिक कार्यक्रम के लिए और उनके पहले ग्रामीण प्रसारण के उपग्रह प्रयोग के लिए उनके प्रोडक्शन में एक असिस्टेंट के रूप में सहायता की। उसके बाद, मैंने कई फिल्मों में और कई थिएटर प्रोडक्शंस में काम किए जिसे क्रिटिक्स से बहुत ज्यादा सरहाना मिली। 80 के दशक में मैंने कई डॉक्यूमेंट्री लिखीं और साथ ही उसमें परफॉर्म भी किया। 20 साल के बाद पिछले साल मैंने गुजराती ड्रामा के साथ थिएटर में अपनी वापसी की। गुड़िया हमारी सभी पे भारी के साथ छोटे परदे से जुड़ने का मैं बेसब्री से इंतजार कर रही हूं।”

हमें शो में अपने किरदार के बारे में कुछ बताइये?

“मैं बिजली बुआ की भूमिका निभा रही हूं, जो कि विद्युत (हर्षि शर्मा) की मां है। अपने बेटे के साथ, वह पप्पू (मनमोहन तिवारी) के हाल ही में शुरू किए गए गेस्ट हाउस में पहुंचती है, और गुड़िया (सारिका बहरोलिया) उनका स्वागत करती है, क्योंकि वह उनके पहले ग्राहक होते हैं। जहां बिजली को एक तरफ ये लगता है कि वो और उसका बेटा अपनी जिंदगी का एक अच्छा समय बिता रहे हैं तो वहीं दूसरी तरफ विद्युत की अलग ही योजनाएं हैं। अपनी पत्नी कोमल के साथ, वह पप्पू के गेस्ट हाउस में अपनी बीमार मां को छोड़ने की इच्छा रखते हुए उसे विदा कर देता है।”

आप कई शोज का हिस्सा रह चुकी हैं, ‘गुड़िया हमारी सभी पे भारी’ उन सबसे किस तरह से अलग है?

“यह एक ऐसा शो है जहां कभी भी कोई नीरस पल नहीं होता। मैं पिछले कुछ समय से स्टोरी लाइन को फॉलो कर रही हूं, और, मैं ये कहना चाहूंगी कि गुप्ता की और उनकी मजेदार स्तिथियां देखने लायक होती हैं। दूसरी सबसे खास बात ये है कि इसमें इंडस्ट्री से जुड़े हुए कई ऐसे शानदार कलाकार और मुख्य नाम हैं जो इस शो के साथ जुड़े हुए हैं। मुझे खुशी है कि मैं उनका हिस्सा हूं और मैं अपने दर्शकों पर एक खासा प्रभाव छोड़ने के लिए बहुत ही उत्सुक हूं।”

आपका बिजली बुआ का किरदार आपके असली जिंदगी के व्यक्तित्व से कितना मिलता-जुलता है?

“खैर, मेरा जो किरदार है वो शॉर्ट टर्म मेमोरी लॉस की परेशानी से जूझ रहा है। मैं पूरी तरह से इस किरदार से खुद को नहीं जोड़ सकती, लेकिन इस इंडस्ट्री में कई साल रहने के बाद, मैं गर्व से ये कह सकती हूं कि मैंने जो भी ऑन-स्क्रीन भूमिआएं निभाई हैं उनसे व्यक्तिगत रूप से मैं जुडी हुई नहीं हूं। एक नजर में शायद बिजली बुआ आपको बहुत साधारण सी लग सकती हैं, लेकिन उनकी जो छोटी-छोटी चीजें है, उस पर ध्यान देना जरूरी है। और यह बहुत महत्वपूर्ण है कि हम हर पहलू और उनके गुणों पर ध्यान जरूर दें।”

इस शो में, विद्युत अपनी बीमार मां को गेस्ट हाउस में छोड़ देता है। असल जिंदगी में भी कई बच्चे अपने उम्रदराज माता-पिता को छोड़ देते हैं। आप एक मां के नजरिए से ऐसे बच्चों को क्या कहना चाहेंगी?

“पूरी ईमानदारी से कहूं तो, मैं इस बारे में सोचकर भी दुखी महसूस करती हूं। अपने बच्चे की जिंदगी को सबसे अच्छा बनाने के लिए माता-पिता पूरी जिंदगी बलिदान देते हैं। वो अपने अंदर धैर्य रखते हैं, समझदारी दिखाते हैं और अपने बच्चे के साथ हर पल खड़े रहते हैं, तो फिर जब उन्हें बच्चों की सबसे ज्यादा जरूरत होती है, तो वे अपने बीमार माता-पिता की देखभाल क्यों नहीं कर सकते? मुझे लगता है कि हालांकि यह एपिसोड्स किसी चीज को कठिन तरह से नहीं दर्शाता, लेकिन यह लोगों के आंखो पर पड़े परदे को जरूर हटाता है।”

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