31 अक्टूबर को होगा प्रोग्रेसिव इंडिया कॉन्क्लेव में देश की दिशा और दशा पर मंथन!

-प्रोग्रेसिव इंडिया कॉन्क्लेव में जुटेंगे औद्योगिक जगत के दिग्गज, होगा देश की दिशा और दशा पर मंथन।

-प्रोग्रेसिव इंडिया कॉन्क्लेव में एक मंच पर नज़र आएंगे दर्जन भर औद्योगिक और सामाजिक संगठन।

ब्रज पत्रिका, आगरा। कोरोना काल में अपने वजूद की जंग लड़ रहे उद्योगों से जुड़े लगभग दर्जन भर प्रमुख संगठन एक मंच पर जुटकर देश की दिशा और दशा पर मंथन करेंगे। 31 अक्टूबर को आगरा के होटल जेपी पैलेस में आयोजित होने जा रहे “प्रोग्रेसिव इंडिया काॅन्क्लेव 2020″ का उद्घोषणा कार्यक्रम होटल होली-डे इन में हुआ।

काॅर्पोरेट काउंसिल फाॅर लीडरशिप एंड अवेयरनेस (सीसीएलए) एवं रावी इवेंट्स द्वारा भारत सरकार के एमएसएमई मंत्रालय के सहयोग से “प्रोग्रेसिव इंडिया काॅन्क्लेव 2020″ के तृतीय संस्करण का भव्य आयोजन होने जा रहा है। दीप प्रज्वलित कर उद्घोषणा कार्यक्रम का शुभारम्भ एमएसएमई-डीआई आगरा के निदेशक टी.आर. शर्मा, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के सहायक महाप्रबंधक (एसएमई) अनिल कुमार बंसल, एफमैक के अध्यक्ष पूरन डावर, नेशनल चेम्बर के अध्यक्ष राजीव अग्रवाल, संस्था लघु उद्योग भारती के प्रदेश महामंत्री दीपक अग्रवाल, आईसीएआई के चेयरमैन सीए शरद पालीवाल ने संयुक्त रूप से किया।

उसके बाद रावी इवेंट्स के निदेशक मनीष अग्रवाल ने प्रोग्रेसिव इंडिया काॅन्क्लेव 2020 की प्रस्तावना पर प्रकाश डाला, वहीं आयोजन सचिव अजय शर्मा ने कॉन्क्लेव की परिकल्पना और उद्देश्य के बारे में बताया। इस मौके पर अतिथियों का स्वागत कॉन्क्लेव के समन्वयक ब्रजेश शर्मा ने किया।

कार्यक्रम में मौजूद सहयोगी डॉ. एमपीएस ग्रुप के चेयरमैन स्क्वाड्रन लीडर ए.के. सिंह, एमएसएमई-डीआई आगरा के सीडीओ सुशील यादव और इंक्रेडिबल इंडिया फाउंडेशन के उपाध्यक्ष डॉ.आर.एन. शर्मा, सीए विवेक अग्रवाल, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के चीफ मैनेजर एसएमई आलोक हिंगवासिया, आईआईएफटी के निदेशक विनीत बवानियां एवं पत्रकार महेश धाकड़ ने कॉन्क्लेव की परिचर्चा में शामिल किये जाने वाले मुद्दों पर चर्चा की। इस दौरान व्यवस्था मुनेश चौहान, निशांत शर्मा, सौरभ सिंह और सुभाष कृष्णा ने संभालीं।

दो प्रमुख संस्थाओं का भी सम्मान किया जाएगा

राष्ट्रीय आपदा कोरोना के दौरान अपनी विशिष्ट कार्यशैली से समाज में सकारात्मकता के साथ कार्य करते हुए एक अलख जगाई, ऐसे उद्यमियों और समाजसेवियों को इस मौके पर “जेम्स ऑफ 2020 हिस्ट्री मेकर्स सम्मान” से नवाज़ा जाएगा। साथ ही इस दौरान दिवंगत उद्यमी एवं समाजसेवी स्व.अशोक जैन (डॉक्टर सोप) और स्व.अनिल दुदवेवाला की स्मृति में समाजसेवा के क्षेत्र में अनुकरणीय योगदान करने वाली दो प्रमुख संस्थाओं का भी सम्मान किया जाएगा।

इन संस्थाओं की रहेगी कार्यक्रम में अहम भागीदारी

1. एमएसएमई मंत्रालय भारत सरकार
2. स्टेट बैंक ऑफ इंडिया
3. नेशनल स्मॉल इंडस्टरीज कॉरपोरेशन (एनएसआईसी)
4. लघु उद्योग भारती
5. नेशनल चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज एंड कॉमर्स
6. आगरा फुटवियर मैन्युफैक्चर्स एंड एक्सपोर्टर्स चेंबर (एफमेक)
7. इंक्रेडिबल इंडिया फाउंडेशन
8. इंडियन काउंसिल फॉर रिसर्च एंड एनालाइसिस (आईसीआरए)
9. इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (आईआईए)
10. फेडरेशन ऑफ कोल्ड स्टोरेज एसोसिएशन ऑफ इंडिया
11. नेशनल मेडिको ऑर्गेनाइजेशन (एनएमओ)
12. इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएआई)

टी.आर. शर्मा, निदेशक, एमएसएम ने कहा,

“प्रोग्रेसिव इंडिया कॉन्क्लेव जैसे आयोजन वर्तमान परिदृश्य उद्योग जगत की जरूरत है मुझे लगता है कि यह आयोजन उद्योग जगत को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेगा।”

पूरन डावर, अध्यक्ष, एफमैक ने बताया,

“अब समय आ गया है कि हमें व्यापार में प्रयोगात्मक तरीके से कुछ अनूठा और हटकर करना होगा तभी हम ग्लोबलाइजेशन और प्रतिस्पर्धा के इस दौर में कामयाब हो सकते हैं इस विषय को कॉन्क्लेव अहम् रूप से शामिल किया जाएगा।”

-दीपक अग्रवाल, प्रदेश महामंत्री, लघु उद्योग भारती बोले,

“वर्तमान परिदृश्य में उद्यमियों और सरकार को जरूरत है कि सामंजस्य का सेतु बना कर आगे बढ़े ताकि कोरोना के कारण उद्योगों में आई गिरावट को गति दी जा सके।”

राजीव अग्रवाल, अध्यक्ष, नेशनल चैम्बर ने कहा,

“आपदा के इस लंबे अंतराल के बाद यह ऑफलाइन आयोजित होने जा रहा है या भव्य आयोजन आज के समय की मांग है, उद्यमी आपस में पारस्परिक संवाद से एक मत हो आगे बढ़े इस दिशा में यह एक सकारात्मक प्रयास है।”

मनीष अग्रवाल, निदेशक, रावी इवेंट्स ने बताया,

“यह अपने आप में यह एक अनूठा प्रयास से जहां संपूर्ण भारत वर्ष के औद्योगिक विकास, विस्तार और उत्थान को लेकर मंथन किया जाएगा, मुझे लगता है कि विकासशील भारत को विकसित बनाने में यह आयोजन एक महत्वपूर्ण आहुति साबित होगा।”

अजय शर्मा, आयोजन सचिव ने बताया,

“महामारी के चलते शुष्क पड़ी देश की अर्थव्यवस्था को जीवंत बनाने के लिए एक मंच पर सामूहिक चर्चा अति महत्वपूर्ण है प्रोग्रेसिव इंडिया कॉन्क्लेव इसी परिकल्पना को साकार करता है।”

ब्रजेश शर्मा, आयोजन समन्वयक ने कहा,

“एमएसएमई मंत्रालय, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और देश के प्रमुख औद्योगिक संगठन इस आयोजन में सामूहिक रूप से एक मंच पर हैं यह प्रयास यह इस बात को सुनिश्चित करता है कि यह सामूहिक पहल देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण कड़ी होगी।”

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