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आगरा की ‘ताजनगरी’ के साथ-साथ ‘फुटवियर उत्कृष्टता की नगरी’ के रूप में ब्रांडिंग की जाएगी

आगरा विश्व की जूता राजधानी के रूप में हुआ भव्य लॉन्च, निर्यात और निवेश के नए युग की शुरुआत।

ब्रज पत्रिका, आगरा। भारत के प्रमुख औद्योगिक केंद्र आगरा को आज विश्व की जूता राजधानी के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल की गई। यह महत्वपूर्ण लॉन्च इंडिया-न्यूज़ीलैंड बिज़नेस मीट में हुआ जिसका आयोजन होटल अमर विलास में किया गया था। इसमें भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल, केंद्रीय राज्यमंत्री, भारत सरकार प्रो. एसपी सिंह बघेल तथा न्यूज़ीलैंड सरकार के व्यापार एवं निवेश मंत्री टॉड मेक क्ले और इस दौरान न्यूजीलैंड के भारत में उच्चायुक्त पैट्रिक राटा सहित न्यूज़ीलैंड के लगभग एक दर्जन प्रतिनिधि मंडल ने शिरकत की।

इस अवसर पर आगरा के फुटवियर उद्योग को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने, निर्यात को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन के लक्ष्य को रेखांकित किया गया। कार्यक्रम में यह स्पष्ट किया गया कि आगरा, जो पहले से ही भारत का सबसे बड़ा फुटवियर निर्माण क्लस्टर है, अब वैश्विक फुटवियर हब बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

वैश्विक मंच पर आगरा की मजबूत दावेदारी

कार्यक्रम में बताया गया कि आगरा से भारत के लेदर फुटवियर निर्यात में 75% से अधिक का महत्वपूर्ण योगदान है। यहां 5,000 से अधिक MSME इकाइयाँ संचालित हैं, जो लगभग 4 से 5 लाख लोगों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार प्रदान करती हैं। यूरोप, अमेरिका, यूके और मध्य-पूर्व जैसे बड़े बाजारों में आगरा के उत्पादों की मजबूत उपस्थिति है।

परंपरा और आधुनिकता का संगम

आगरा की सबसे बड़ी ताकत इसकी पीढ़ियों से चली आ रही कारीगरी है, जो आधुनिक मशीनरी के साथ मिलकर उच्च गुणवत्ता वाले उत्पाद तैयार करती है। लागत के मामले में यह क्लस्टर चीन और वियतनाम जैसे देशों के मुकाबले प्रतिस्पर्धी साबित हो रहा है, जिससे वैश्विक खरीददारों के लिए यह एक आकर्षक विकल्प बनता जा रहा है।

FTA और अंतरराष्ट्रीय सहयोग से मिलेगा बढ़ावा

कार्यक्रम में विभिन्न फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA), CEPA और संभावित द्विपक्षीय व्यापार समझौतों के माध्यम से निर्यात में 3 से 5 गुना तक वृद्धि की संभावना जताई गई। साथ ही, भारत-न्यूज़ीलैंड सहयोग के तहत कच्चे माल की आपूर्ति, संयुक्त उत्पादन और डिजाइन इनोवेशन के नए अवसरों पर भी चर्चा की गई।

इंफ्रास्ट्रक्चर और नीति समर्थन की अहम भूमिका

जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, प्रस्तावित फुटवियर पार्क (YEIDA) और बेहतर लॉजिस्टिक्स सुविधाएँ आगरा को वैश्विक स्तर पर और अधिक प्रतिस्पर्धी बनाएंगी। साथ ही, उद्योग ने सरकार से 2030 तक कंपोनेंट्स पर शून्य ड्यूटी, ब्याज सब्सिडी और निर्यात प्रक्रियाओं को सरल बनाने जैसी मांगें भी रखीं।

ब्रांड ‘आगरा’ को वैश्विक पहचान देने की पहल

इस पहल के तहत आगरा की ‘ताजनगरी’ के साथ-साथ ‘फुटवियर उत्कृष्टता की नगरी’ के रूप में ब्रांडिंग की जाएगी। GI टैग, अंतरराष्ट्रीय ब्रांडिंग अभियान और बायर -सेलर मीट के माध्यम से वैश्विक बाजार में आगरा की पहचान को और मजबूत किया जाएगा।

निवेश और साझेदारी के लिए खुला आमंत्रण

कार्यक्रम के अंत में वैश्विक ब्रांड्स, निवेशकों और नीति निर्माताओं को आगरा में निवेश और साझेदारी के लिए आमंत्रित किया गया। यह पहल न केवल आगरा बल्कि पूरे भारत के फुटवियर उद्योग को नई दिशा देने वाली साबित होगी।

कार्यक्रम में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पियूष गोयल तथा न्यूज़ीलैंड सरकार के व्यापार एवं निवेश मंत्री टॉड मेक क्ले की गरिमामयी उपस्थिति रही।

इस अवसर पर पीयूष गोयल ने कहा कि,

“आगरा को ‘विश्व की जूता राजधानी’ के रूप में स्थापित करना भारत के निर्यात को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और सरकार इस उद्योग को हर संभव नीति समर्थन प्रदान करेगी।”

वहीं श्री मैक्ले ने भारत–न्यूज़ीलैंड सहयोग को मजबूत बताते हुए कहा कि,

“दोनों देशों के बीच कच्चे माल, डिजाइन और मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं, जिससे वैश्विक सप्लाई चेन को मजबूती मिलेगी।”

इस दौरान सीएलई के चेयरमैन रमेश कुमार जुनेजा ने कहा कि,

“आगरा का फुटवियर उद्योग देश के निर्यात का मजबूत स्तंभ है और उचित नीति समर्थन मिलने पर यह वैश्विक बाजार में और बड़ी हिस्सेदारी हासिल कर सकता है।”

वाइस चेयरमैन, सीएलई मुख्तारुल अमिन ने उद्योग की परंपरागत कारीगरी और आधुनिक तकनीक के संयोजन को इसकी सबसे बड़ी ताकत बताते हुए निर्यात वृद्धि की अपार संभावनाएं जताईं।

वहीं फुटवियर और चमड़ा उद्योग विकास परिषद के चेयरमैन पूरन डावर ने कहा कि,

“आगरा को वैश्विक फुटवियर हब बनाने के लिए उद्योग और सरकार के बीच समन्वय अत्यंत आवश्यक है, तथा यह पहल रोजगार सृजन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।”

एमडी, एफडीडीआई विवेक शर्मा ने स्किल डेवलपमेंट और डिजाइन इनोवेशन को उद्योग के भविष्य की कुंजी बताते हुए कहा कि,

“प्रशिक्षित मानव संसाधन के माध्यम से भारत वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे बढ़ सकता है।”

इसके साथ ही रीजनल चेयरमैन, नॉर्थ, सीएलई मोतीलाल सेठी ने कहा कि,

“उत्तर भारत का फुटवियर उद्योग विशेष रूप से आगरा क्लस्टर, निर्यात वृद्धि और निवेश आकर्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है, बशर्ते उसे उचित इंफ्रास्ट्रक्चर और नीति समर्थन मिले।”

इस मौके पर मुख्य रूप से रहे मौजूद

इस मौके पर वाणिज्य विभाग भारत सरकार की संयुक्त सचिव पेटल ढिल्लों, निदेशक तरुणा डूलिया, अवर सचिव बिमलेश कुमार झा, एवं वरिष्ठ प्रेस सचिव, न्यूज़ीलैंड जूली जोह्न्स्टन, क्षेत्रीय अध्यक्ष – मध्य, सीएलई यादवेंद्र सिंह, सीएलई के क्षेत्रीय निदेशक अतुल कुमार मिश्रा, उपनिदेशक आरके शुक्ला, एफमेक उपाध्यक्ष राजेश सहगल, राजीव वासन, महासचिव प्रदीप वासन, सचिव अनिरूद्ध मोहन तिवारी, मेट्रो एंड मेट्रो के अजित कलसी, गुप्ता एच.सी. ओवरसीज के अजय गुप्ता, कंसेप्ट कंसीवर्स एंड एग्जीक्यूटर्स के गगन छाबरा, विरोला इंटरनेशनल के सुशील सचदेवा, ईशान सचदेवा, रोमसन्स ग्रुप के किशोर खन्ना, डायमंड कारपेट के ललित जैन, स्टोनमैन क्राफ्ट्स के रजत अस्थाना, नेशनल चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज एंड कॉमर्स के अध्यक्ष मनोज कुमार बंसल, उपाध्यक्ष अंबा प्रसाद गर्ग, नीतेश अग्रवाल, कोषाध्यक्ष विनय मित्तल, बसंत ओवरसीज़ के कुलदीप गुजराल, लघु उद्योग भारती आगरा के अध्यक्ष विजय गुप्ता, प्रदेश सचिव मनीष अग्रवाल प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। संचालन वैभव छिब्बर ने किया।

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