डोनेटकार्ट ने धनबाद के 40,000 से अधिक कोयला खनिकों को कोविड -19 की दूसरी लहर में दिया खाना!

● कोयला खनिकों के लिए खाना और ज़रूरी चीज़ों के लिए डोनेटकार्ट ने नंद केयर फाउंडेशन को 2 करोड़ रुपये से अधिक राशि जुटाने में मदद की।
● 25,000 से अधिक डोनरों ने सहयोग किया।
● दूसरी लहर से उबरने में संघर्ष कर रहे कोयला खनिकों को क्राउडफंडिंग से बहुत सहायता मिली है।

ब्रज पत्रिका, लखनऊ। कोविड -19 महामारी की दूसरी लहर में लगाए गए लॉकडाउन में भारत के प्रतिष्ठित क्राउडफंडिंग प्लेटफॉर्म डोनेटकार्ट ने नंद केयर फाउंडेशन के साथ मिलकर 40,000 से ज़्यादा कोयला खनिकों को खाने-पीने का ज़रूरी सामान दिलाने का सराहनीय काम किया है।

कोविड -19 महामारी के चलते खनन गतिविधि बंद होने से धनबाद के हजारों डेली-वेज पर काम कर रहे कोयला खनिक मुश्किल में आ गए थे। वे अपनी ज़रूरतों को पूरा करने के लिए काफी संघर्ष कर रहे थे, क्योंकि उनका जीवन पूरी तरह से इसी पर निर्भर था। इनके परिवारों की दुर्दशा देखकर, डोनेटकार्ट और नंद केयर फाउंडेशन ने मिलकर फंड इकट्ठा किया, ताकि खाने-पीने की ज़रूरी चीज़ें दी जा सकें।

इस फंडरेज़ प्रोग्राम में, डोनेटकार्ट ने अपने प्लेटफार्म www.donatekart.com पर एक अभियान चलाया जहाँ लोग अपने बजट के हिसाब से डोनेट कर सकते हैं। इस वेबपेज पर लोग किराना किट, अनाज, दालें, मास्क, सैनिटाइज़र आदि डोनेट कर सकते थे। किराना किट में गेहूँ का आटा, चावल, चना दाल, नमक, तेल, हल्दी पाउडर और मिर्च पाउडर शामिल हैं। नंद केयर फाउंडेशन ने डोनेटकार्ट और 25,000 से अधिक डोनरों के सहयोग से 2.3 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की किराना किट जुटाई जो धनबाद और उसके आसपास 10000+ कोयला खनिकों के परिवारों में बाँटी गई।

डोनेटकार्ट के सीईओ और को-फाउंडर अनिल कुमार रेड्डी का कहना है,

“हमने पहली लहर के दौरान हजारों परिवारों तक किराना किट पहुँचाई थी, और अब भी उनकी मदद करना जारी रखना चाहते हैं। कोयला खनिकों की दुर्दशा दयनीय है। जब नंद केयर फाउंडेशन के दीपक कुमार ने धनबाद के कोयला खनिकों और उनके बच्चों की मदद करने के लिए हमारे समर्थन की इच्छा जताई, तो हमें विश्वास था कि इस संकट के समय में हम उनके लिए हर संभव प्रयास करेंगे। अपने अगले अभियानों के माध्यम से हमारा उद्देश्य हजारों लोगों तक पहुँचना है।”

नंद केयर फाउंडेशन के फाउंडर दीपक कुमार डोनेटकार्ट प्लेटफॉर्म के फंडरेज़ से मिले रिस्पांस से काफी
संतुष्ट थे। उनके मुताबिक,

“जब ये कोयला खनिक चावल के एक-एक दाने के लिए भी संघर्ष कर रहे थे, तो डोनेटकार्ट के साथ-साथ बहुत से डोनर आगे आए और मदद की। यह कठिन समय है, लेकिन गैर सरकारी संगठनों और लोगों को एक साथ लाने वाला डोनेटकार्ट जैसा प्लेटफार्म, हमें जरूरतमंदों की मदद करने में सक्षम बनाता हैं। कोयला खनिक इस बात से वाकिफ हैं कि इस संकट से उबरने में वे अब अकेले नहीं हैं।”

नंद केयर फाउंडेशन धनबाद और उसके आसपास के इलाके में रहने वाले कोयला खनिकों और आदिवासी समुदायों की बेहतरी के लिए काम कर रहा है। फाउंडेशन कोयला खनिकों के बच्चों को शिक्षा प्रदान करता है और इन परिवारों का समर्थन भी करता है।

डोनेटकार्ट संगठनों को अपने प्लेटफॉर्म पर मुफ्त अभियान चलाने की अनुमति देता है। गैर-सरकारी संगठनों के साथ कोई प्रत्यक्ष फाइनेंशियल लेन-देन नहीं है, इसलिए यह डोनेट करने वालों को पारदर्शिता और उनके धन के सही उपयोग का आश्वासन देता है। डोनर्स हर प्रोसेस का हिस्सा हैं और उन्हें लाभार्थियों से समय पर अपडेट मिलता रहता है कि प्रोडक्ट का उपयोग कैसे किया जा रहा है।

डोनेटकार्ट ने महामारी के दौरान लोगों को ऐसे तथा अन्य अभियानों में योगदान करने की अनुमति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। मुंबई, दिल्ली, राजकोट, जयपुर, पुणे, गाजियाबाद और भारत के अन्य शहरों में कई एनजीओ पार्टनर के साथ, डोनेटकार्ट ने प्रभावी और पारदर्शी तरीके से 1.5 लाख से अधिक डोनरों के सहयोग से अस्पताल के बुनियादी ढाँचे के लिए 30 करोड़ रुपये से अधिक की राशि का सामान जुटाया है। इसमें ऑक्सीजन सिलेंडर, ऑक्सीजन कंसंटेटर, बेड, ऑक्सीमीटर आदि शामिल हैं। उन्होंने अस्पतालों और होम क्वारंटाइन मरीज को उपकरण और जरूरतमंद लोगों को किराना किट बाँटना भी शुरू कर दिया है। इस ज़रूरत के समय में हमें तुरंत कार्रवाई करने की आवश्यकता है।

युवराज सिंह, नोरा फतेही, सामंथा अक्किनेनी और अन्य कई कॉर्पोरेट व मशहूर हस्तियाँ भी मदद के लिए आगे आईं हैं और डोनेटकार्ट पर एक फंडरेज़ करना शुरू किया है। यह डोनर्स और गैर सरकारी संगठनों के लिए विश्वास और पारदर्शिता सुनिश्चित करता है, जो बहुत महत्वपूर्ण है।

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