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रिमझिम रिमझिम सावन बरसे…

76वें गुरुजन सम्मान समारोह का आयोजन दिनांक 9 अगस्त 2026 को ग्रांड होटल के मुख्य सभागार में हुआ, भव्य समारोह में विभिन्न क्षेत्रों की प्रतिष्ठित हस्तियों को किया गया सम्मानित

इस समारोह की विशिष्ट प्रस्तुति बनस्थली विद्यापीठ से पधारे मैहर घराने के सिद्धहस्त कलाकार प्रसेनजित सेनगुप्ता का सरोद वादन रहा, स्थानीय कलाकारों ने भी प्रस्तुतियां देकर मन मोहे

ब्रज पत्रिका, आगरा। पं. रघुनाथ तलेगाँवकर फाउंडेशन ट्रस्ट एवं संगीत कला केन्द्र, आगरा के संयुक्त तत्वावधान में गुरू पूर्णिमा महोत्सव एवं 76वें गुरुजन सम्मान समारोह का आयोजन दिनांक 9 अगस्त 2026 को ग्रांड होटल आगरा के मुख्य सभागार में किया गया।

कार्यक्रम का प्रारंभ प्रथम पूज्य श्री गणपति एवं मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एवं पं. विष्णु दिगम्बर पलुस्कर जी, पं. विष्णु नारायण भातखण्डे जी, पं. रघुनाथ तलेगाँवकर जी, सुलभा जी, रानी सरोज गौरीहार जी, उस्ताद लल्लू सिंह जी एवं संगीत नक्षत्र पं. केशव जी के चित्र पर अरुण डंग, अरविंद कपूर, आर. के. तिवारी, विनोद माहेश्वरी एवं संस्था सदस्यों द्वारा माल्यार्पण करके किया गया।

कार्यक्रम की प्रथम प्रस्तुति के रूप में‌ संगीत‌ कला केन्द्र के नन्हे साधकों निहि सिंह, वर्तिका, निष्ठा एवं हिमांशु देव सिंह ने गुरु वंदना- “गुरु तेरी महिमा अपरम्पार” एवं “गुरु तोरे चरण शरण में आए” का सुंदर गायन कर श्रोताओं को आनंदित कर दिया।

तदोपरान्त सावन के रंग के अन्तर्गत राग देस पर आधारित “सावन आयो घिर घिर” एवं कजरी “रिमझिम रिमझिम सावन बरसे” की मौसम के अनुसार शानदार प्रस्तुति केन्द्र की छात्राओं आन्या जादौन, महक जादौन, शुभांगी वर्मा, आर्या भाटी, दृष्टि उपाध्याय अभिलाषा शुक्ला, ईशा सेठ, सीमा सिंह एवं हेमा शर्मा ने दी।

यह सभी प्रस्तुति‌याँ गुरू मां प्रतिभा तलेगांवकर द्वारा निर्देशित थीं। तबला संगत डॉ. लोकेन्द्र तलेगाँवकर, संवादिनी पर पं. रविन्द्र तलेगाँवकर एवं ढोलक पर वरिष्ठ कलाकार उस्ताद सलीम ख़ान ने अप्रतिम साथ संगत की।

अगली प्रस्तुति के रूप में आमद एकेडमी, आगरा की नृत्य साधिकाओं ओजश्वी बघेल, विश्विका जैन, छवि यादव, बानी चौधरी, समृद्धि माहेश्वरी, नायशा जिंदल एवं सौम्या शर्मा ने पं. बिरजू महाराज जी द्वारा रचित कृष्ण वंदना- “कस्तूरी तिलकम”, एवं गुरु वन्दना से उपस्थित श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस प्रस्तुति का निर्देशन संस्था की निदेशिका तरूछाया सक्सेना द्वारा किया गया।

इन सुंदर एवं सुरीली प्रस्तुतियों के बाद छात्रों को प्रमाणपत्र एवं मेडल संस्था सदस्य अरविन्द कपूर, अरुण डंग, डॉ. मंगला मठकर एवं अध्यक्ष विजयपाल सिंह चौहान द्वारा प्रदान किए गए।

कार्यक्रम की विशिष्ट प्रस्तुति के रूप में बनस्थली विद्यापीठ से पधारे मैहर घराने के सिद्धहस्त कलाकार प्रसेनजित सेनगुप्ता का सरोद वादन रहा। आपने राग बिलासखानी तोड़ी में विलम्बित गत तीन ताल में क्रमबद्ध प्रक्रिया से मैहर घराने की परंपरा के अनुसार वादन प्रस्तुत किया। आपने पारंपरिक रचनाओं का प्रस्तुतिकरण विशेष तैयारी के साथ प्रस्तुत कर श्रोताओ को मंत्रमुग्ध किया। तबला संगति युवा प्रतिभा स्वप्निल रावल द्वारा बहुत सूझ एवं तैयारी के साथ कुशलतापूर्वक की गई।

कार्यक्रम के मुख्य चरण के अन्तर्गत नगर के विशिष्ट व्यक्तित्वों को अपने क्षेत्र में विशेष कार्य करने हेतु सम्मानित किया गया। नगर की वरिष्ठ शख्शियत आर. के. तिवारी को “समाज शिल्पी” अनिल कुमार शर्मा को “जनसंचार शिल्पी”, मनीष प्रभाकर को “संगीत शिल्पी”, प्रो. (डॉ.) मनीषा को “शिक्षा शिल्पी”, निशिराज जैन को “साहित्य शिल्पी”, रघुवीर प्रसाद शर्मा रग्घो को “वाद्य शिल्पी ”, प्रो. सुजीत देवघोरिया को “आदर्श गुरु”, प्रसेनजित सेनगुप्ता को “नाद तन्त्री विलास” एवं स्वप्निल रावल को “संगीत सहोदर” के मानद सम्मान से संस्था संरक्षक अरुण डंग, डॉ. लोकेन्द्र तलेगांवकर, नीरज जैन, विनोद माहेश्वरी, अध्यक्ष विजय पाल सिंह चौहान, उपाध्यक्ष अनिल वर्मा, सदस्य डॉ. मंगला मठकर, रविन्द्र तलेगाँवकर एवं प्रतिभा तलेगांवकर ने उपवस्र सम्मान पत्र प्रदान कर सम्मानित किया।

सभी सम्मानित अतिथियों का जीवन परिचय डॉ. महेश चंद्र धाकड़ एवं श्रीकृष्ण ने प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में नगर के विद्वत गुणीजन उपस्थित रहे जिनमें अनिल डंग, प्रो. अरुण चतुर्वेदी, सुधीर नारायण, विलास पालखे, डॉ. मधु भारद्वाज, सन्दीप अरोड़ा, आचार्य उमाशंकर पाराशर, सन्तोष कुलश्रेष्ठ, नीरज जैन, डॉ. राजीव शर्मा, आनंद हरिदास, विक्रम शुक्ला, डॉ. वंदना अग्रवाल, डॉ. मनीषा, आनंद हरिदास, डॉ. महेश चंद्र धाकड़, उस्ताद सलीम ख़ान, पार्थो सेन, मीनू गिरी आदि उपस्थित थे।

कार्यक्रम का संचालन श्रीकृष्ण ने संस्था के इतिहास, गुरु शिष्य परम्परा के महत्व एवं सुंदर शब्द संयोजन के साथ किया। संस्था अध्यक्ष विजयपाल सिंह चौहान ने सभी सहयोगियों, श्रोताओं एवं छात्रों का आभार व्यक्त किया।

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