डॉ. रागिनी के स्वरों और पं. देवाशीष की ब्रज वीणा के तारों से तन मन हुए झंकृत
ब्रज पत्रिका, आगरा। करीब 85 वर्षों से निरंतर शास्त्रीय संगीत के प्रचार में समर्पित संस्था भारतीय संगीतालय, आगरा द्वारा दिनांक 01 फरवरी 2026 को वसंत पंचमी के उपलक्ष्य पर वसंत उत्सव का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य भारतीय शास्त्रीय संगीत के माध्यम से वसंत ऋतु के सौंदर्य और उल्लास को अभिव्यक्त करना रहा।
कार्यक्रम का मुख्य प्रस्तुतियों का आरम्भ प्रसिद्ध शास्त्रीय गायिका डॉ. रागिनी सरना के मधुर गायन से हुआ। उन्होंने राग बिहाग में बड़ा खयाल “हिय में सिया राम छवि दिखाई…”, छोटा खयाल “अकेली डर लगे” एक ताल में “बदरा जा रे जा रे…” और तराना गाकर अंत में राग पहाड़ी में दादरा “न जाओ यमुना के पार…” प्रस्तुत कर सभी श्रोताओं को अपनी मधुर आवाज़ से बांध लिया, उनकी स्वर-लहरियों ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनके साथ तबले पर हरिओम माहौर एवं संवादिनी पर रविन्द्र तलेगांवकर ने संगत कर कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई।

इसके पश्चात आगरा के विश्वविख्यात सुप्रसिद्ध गिटार वादक पं. देवाशीष चक्रवर्ती ने शास्त्रीय गिटार वादन प्रस्तुत कर श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। उन्होंने राग बागेश्री में गत तथा राग खमाज में धुन प्रस्तुत कर अविस्मरणीय वातावरण का निर्माण किया। दिल्ली से पधारे युवा तबला वादक रोहित कुमार ने उनकी संगत कर वादन को और प्रभावशाली बनाया।


कार्यक्रम में सचिव अशोक राव, डॉ. अमिता त्रिपाठी, पंडित मोहित कुमार, दीपक प्रहलाद, वीना छाबड़ा, ललिती, रवि अग्रवाल, रमन धाकड़, डॉ. गिरजा शंकर, डॉ. महेश धाकड़, डॉ. विवेक कुमार, प्रतिभा तलेगांवकर, डॉ. गौतम तिवारी, विलास पलखे आदि की उपस्थिति रही। इनके अलावा आगरा नगर के अन्य प्रतिष्ठित संगीत कलाकार, संगीत प्रेमी, विद्यार्थी एवं विशिष्ट जन उपस्थित रहे। कार्यक्रम में कुशल मंच संचालन लीना परमार द्वारा किया गया। अंत में धन्यवाद ज्ञापन भारतीय संगीतालय आगरा के प्राचार्य गजेन्द्र सिंह चौहान द्वारा प्रस्तुत किया गया।


कार्यक्रम के शुभारंभ में मां सरस्वती की प्रतिमा पर दीप प्रज्वलन तथा भारतीय संगीतालय के छात्र-छात्राओं वंदना, वरुण, पल्लवी, राधिका, यशस्वी, विभा, किंजल, गुरप्रीत द्वारा सरस्वती वंदना एवं राग वसंत की प्रस्तुति के साथ किया गया, तबला संगत डॉ. भानु प्रताप सिंह ने की, जिससे संपूर्ण वातावरण वसंतमय हो उठा।


